त्रिलोक तीर्थ धाम
बड़ा गांव जैन मंदिर उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खेकडा क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध जैन धार्मिक स्थल है।
- यह मंदिर खासतौर पर दिगंबर जैन धर्म के अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण है।
- यहाँ प्राचीन जैन प्रतिमाएँ और शांत वातावरण देखने को मिलता है, जो ध्यान और पूजा के लिए उपयुक्त है।
- मंदिर में समय-समय पर धार्मिक कार्यक्रम और उत्सव भी आयोजित होते हैं।
- आसपास के क्षेत्रों से लोग दर्शन और आध्यात्मिक शांति के लिए यहाँ आते हैं।

यह मंदिर जैन प्रतीक के आकार में बनाया गया है इस मंदिर की ऊंचाई 317 फीट है, जिसमें जमीन से नीचे 100 फीट और जमीन से 217 फीट ऊपर है। मंदिर की ऊपरी हिस्से में पद्मासन मुद्रा में अष्टधात्तु (8 धातु) से बने भगवान ऋषभदेव की 31 फीट की ऊंची प्रतिमा है।
श्री पार्श्वनाथ जैन अतिशय क्षेत्र, खेकड़ा (अन्य दर्शनीय स्थल )
- प्राचीन + चमत्कारी तीर्थ
- पार्श्वनाथ भगवान की दिव्य प्रतिमा
- कुएँ का पवित्र जल
- पास में भव्य त्रिलोक तीर्थ धाम
श्री पार्श्वनाथ अतीशया क्षेत्र प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर
श्री पारश्वनाथ अतीशया क्षेत्र प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर, बड़ा गांव (खेकडा) में जैन मंदिर है। यह शताब्दी पुराना मंदिर, 23 वीं तीर्थंकर, भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित है। इस मंदिर में एक सफेद संगमरमर की मूर्ति है जो मंदिर के अंदर एक कुए से बरामद की गयी थी । माना जाता है कि मूर्ति को चमत्कारी माना जाता है और साथ ही कुए के पानी को रोग सम्बन्धी उपचार करने में योग्य माना जाता है। मुख्य मूर्ति के अलावा, कई अन्य मूर्तियों को खुदाई के दौरान भी खोजा गया, जिन्हें अलग-अलग रूपों में स्थापित किया गया है।
पुरा महादेव मंदिर
पूरा महादेव मंदिर बागपत जिले के बालैनी क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन और अत्यंत श्रद्धेय शिव मंदिर है। मान्यता है कि यहाँ स्थापित शिवलिंग भगवान परशुराम द्वारा स्थापित किया गया था, जिसके कारण इस स्थान का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में गिना जाता है। विशेष रूप से सावन माह और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ लाखों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लाकर जलाभिषेक करते हैं। मंदिर का वातावरण शांत और आध्यात्मिक है, जहाँ भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पूजा-अर्चना करते हैं। दिल्ली से लगभग 60–70 किमी की दूरी पर स्थित यह मंदिर आस्था, भक्ति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
गुफा वाले बाबा का मंदिर
बागपत में स्थित “गुफा वाले बाबा” का मंदिर एक प्राचीन और चमत्कारी सिद्धपीठ है, जो दिल्ली-सहारनपुर हाईवे (NH-709B) पर सरूरपुर कलां गांव के पास स्थित है। मान्यता है कि यहां मन्नतें पूरी होती हैं और सन्यासी बाबा ने गुफा में तपस्या की थी। यह मंदिर अपनी आस्था और चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध है।
- मेले और भीड़: होली, दीपावली और शिवरात्रि के समय यहाँ विशेष उत्सव होते हैं और आसपास के राज्यों से भी लोग आते हैं।
- दर्शन का समय: विशेष रूप से प्रत्येक रविवार को यहाँ श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
नाग बाबा का मंदिर
बड़ा नाग बाबा मंदिर बागपत के बामनौली क्षेत्र, बड़ौत–बुढ़ाना रोड पर स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जहाँ स्थानीय श्रद्धालुओं की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। यह मंदिर नाग देवता को समर्पित है और आसपास के गाँवों के लोग यहाँ नियमित रूप से पूजा-अर्चना करने आते हैं। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य पूरी होती है, इसलिए लोग अपनी मनोकामनाओं के साथ मंदिर में दर्शन करने पहुँचते हैं। विशेष अवसरों जैसे होली, दिवाली, नाग पंचमी त्योहारों पर यहाँ काफी भीड़ रहती है और श्रद्धालु दूर-दूर से आकर पूजा करते हैं। मंदिर का वातावरण शांत और आध्यात्मिक है, जो लोगों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है, इसी कारण यह स्थान स्थानीय धार्मिक जीवन का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
वाल्मीकि आश्रम(बालेनी )
वाल्मीकि आश्रम और लव-कुश का जन्मस्थान: शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर मेरठ की ओर, मेरठ रोड से हटकर हिंडन नदी के पास बालेनी गांव (जिला बागपत) में वाल्मीकि आश्रम स्थित है, जहां रामायण के अनुसार भगवान राम के पुत्र लव और कुश का जन्म और पालन-पोषण हुआ था। यह भी बताया जाता है कि यह भूमि महर्षि वाल्मिक की तपस्थली रही है। मान्यता है कि महर्षि वाल्मीकि के आश्रम बालैनी में लव-कुश का जन्म हुआ था। महर्षि वाल्मीकि जी ने लव-कुश को यहीं शस्त्र एवं शास्त्र विद्या में पारंगत किया था। जैसे श्रावण मास की शिवरात्रि पर यहाँ काफी भीड़ रहती है और श्रद्धालु दूर-दूर से आकर पूजा करते हैं और गंगाजल से भोलेनाथ की मूर्ति को स्नान करवाते है ।

काली सिंह बाबा मंदिर
यह मंदिर चालावावल से धौली पाययू तक की सड़क पर लालीयाना गांव के पास स्थित है। हर रविवार, यहां एक बड़ी भीड़ देखी जा सकती है। दीवाली और होली पर भी, लोग यहां के शहर से यहां काली सिंह बाबा की पूजा करने के लिए आते हैं।
आईएएफ चांदीनगर
आईएएफ चांदीनगर एक भारतीय वायु सेना प्रशिक्षण और गारद कमांडो फोर्स, चामरावल के गांव के निकट केंद्र है। चांदीनगर के अंदर की सुविधाएं केन्द्रीय विद्यालय विद्यालय, सीएसडी कैंटीन और पंजाब नेशनल बैंक शाखा शामिल हैं।


